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गीता के शिक्षा दर्शन की विशेषताएँ लिखिए।

परिचय

भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक शिक्षा दर्शन (Educational Philosophy) का भी प्रतिनिधित्व करती है। इसमें जीवन, कर्तव्य, आत्मा, धर्म, और मोक्ष के माध्यम से मनुष्य के सर्वांगीण विकास की शिक्षा दी गई है। श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश शिक्षा के उच्चतम उद्देश्य और मूल्यों को प्रकट करता है।

1. जीवनोपयोगी शिक्षा

2. नैतिक एवं चारित्रिक शिक्षा

3. आत्म-ज्ञान और आत्म-विश्वास

4. कर्तव्य पर आधारित शिक्षा

5. समत्व – संतुलित दृष्टिकोण

6. निर्णय लेने की क्षमता

7. गुरु-शिष्य परंपरा

8. आध्यात्मिक शिक्षा

9. योग शिक्षा

10. प्रेरणा और उत्साह

निष्कर्ष

गीता का शिक्षा दर्शन सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणादायक है। यह केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक, नैतिक, और आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करता है। इसकी शिक्षाएँ आज के शिक्षा तंत्र में नैतिकता, अनुशासन और मनोवैज्ञानिक स्थिरता को स्थापित करने में सहायक हो सकती हैं।

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