गीता के अनुसार ओम्कार का स्वरूप पर संक्षिप्त लेख लिखिए।

परिचय ‘ॐ’ (ओंकार) भारतीय संस्कृति का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण मंत्र है। भगवद्गीता में ओंकार को ब्रह्म का प्रतीक माना गया है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि यह ओंकार न केवल मंत्र है, बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड की ध्वनि, चेतना और ऊर्जा का सार है। इस लेख में हम गीता के अनुसार ओंकार के स्वरूप […]

गीता के अनुसार ओम्कार का स्वरूप पर संक्षिप्त लेख लिखिए। Read More »