योगिनी विद्या और गीतामृत का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

परिचय भगवद्गीता में न केवल कर्म, ज्ञान और भक्ति की चर्चा की गई है, बल्कि कुछ विशेष शब्दों और अवधारणाओं का उल्लेख भी मिलता है। इनमें ‘योगिनी विद्या’ और ‘गीतामृत’ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये दोनों तत्व गीता के सार को समझने में हमारी सहायता करते हैं। योगिनी विद्या का अर्थ ‘योगिनी विद्या’ का शाब्दिक अर्थ […]

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